Here is a Good Analogy between Humans & Rocks॰॰॰isn't it॰॰?
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एक बात कहूँ॰॰? ॰ ॰ ॰ शायद पता भी हो॰॰॰
इन्सानों और पत्थरों में ज़्यादा अन्तर नहीं है
इन्सान भी जन्म के आधार पर
जाती-धर्मो में बाँट दिये जाते हैं
और पत्थर भी, जन्म के आधार
पर भिन्न वर्गों में बाँट दिये जाते हैं
पत्थरों की तरह,
इन्सान भी भुरभुरे और कठोर होते हैं
दोनों को झेलनी होती है मार
वक़्त के साथ मोसमों के बदलाव की
कुछ बदल जाते हैं॰॰॰ इस बदलते गिर्द-पेश में
और कुछ जमे रहते हैं देर तलक॰॰॰
पर नियति के आगे दोनों ही बेवश हैं
चाहे नदियों के संग बह चले या फिर,
नदियों को दिशा देने की ताकत रखता हो
पर अंत दोनों का है॰॰॰
एक दिन दोनों को ही मिल जाना है, मिट्टी में
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एक बात कहूँ॰॰? ॰ ॰ ॰ शायद पता भी हो॰॰॰
इन्सानों और पत्थरों में ज़्यादा अन्तर नहीं है
इन्सान भी जन्म के आधार पर
जाती-धर्मो में बाँट दिये जाते हैं
और पत्थर भी, जन्म के आधार
पर भिन्न वर्गों में बाँट दिये जाते हैं
पत्थरों की तरह,
इन्सान भी भुरभुरे और कठोर होते हैं
दोनों को झेलनी होती है मार
वक़्त के साथ मोसमों के बदलाव की
कुछ बदल जाते हैं॰॰॰ इस बदलते गिर्द-पेश में
और कुछ जमे रहते हैं देर तलक॰॰॰
पर नियति के आगे दोनों ही बेवश हैं
चाहे नदियों के संग बह चले या फिर,
नदियों को दिशा देने की ताकत रखता हो
पर अंत दोनों का है॰॰॰
एक दिन दोनों को ही मिल जाना है, मिट्टी में
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