Saturday, June 23, 2012

!! सावधान समय सावधान !!

!! सावधान समय सावधान !!
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सुन समय...
मैंने हर बार कोशिश की है
तुमसे दोस्ती करने की
और तू है की
attitude दिखाता रहा है
मैंने जब भी कहा
तेज़ चलने को
तू थम गया
और जब तुझे घसीटते-घसीटते
मैं थक गया
तू उठकर
सरपट दौड़ गया
फिर भी
मैंने तुझे माफ़ किया
तुने भी रंग बदल लिए
मगर रंगत नहीं बदली

सच ही कहतें थे,
कुओं को छोड़ कर जाते मेढ़क
तू किसी का साथी हो ही नहीं सकता
झूठ कहतें हैं लोग...
इंतज़ार करने से प्यार बढ़ता है
वरण
खीझ बढती है,
और बढ़ता है, तनाव
और सुन समय
तुने तो कभी इंतजार नहीं किया

देख, मैं जनता हूँ
तू वापस नहीं जा सकता
तो साथ चला कर
वरना मुझमें भी ताक़त है
तेरा भविष्य बदलने की
सावधान समय सावधान
ये याचना नहीं चेतावनी है...
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[रणधीर भारत]

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